लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में पत्रकार और यूट्यूबर राजीव प्रताप की संदिग्ध हालात में मौत का मुद्दा उठाया है।
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया “एक्स” पर लिखा कि उत्तराखंड के युवा पत्रकार राजीव प्रताप जी का लापता होना और फिर मृत पाया जाना सिर्फ़ दुखद नहीं, भयावह है।
उन्होंने लिखा, “इस मुश्किल वक्त में शोकाकुल परिवार को अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और उनके साथ खड़ा हूं।”
गांधी ने कहा कि भाजपा राज में आज ईमानदार पत्रकारिता भय और असुरक्षा के साये में जी रही है। जो सच लिखते हैं, जनता के लिए आवाज़ उठाते हैं, सत्ता से सवाल पूछते हैं – उन्हें धमकियों और हिंसा से चुप कराने की कोशिश की जा रही है। राजीव जी के साथ हुआ पूरा घटनाक्रम ऐसे ही षड़यंत्र की ओर इशारा करता है।
उन्होंने पत्रकार की मृत्यु की अविलंब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करवाने और पीड़ित परिवार को बिना देरी न्याय दिलाने की मांग की।
इस बीच प्रताप की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आ गई है और रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत पेट और छाती में आंतरिक घावों से हुई है। पुलिस ने कहा है कि मृत्यु का कारण दुर्घटना लगती है क्योंकि शरीर पर हमले के निशान नहीं मिले हैं।
प्रताप के परिवार ने कहा था कि यूट्यूब चैनल दिल्ली उत्तराखंड लाइव पर स्थानीय स्कूल और अस्पताल के बारे में रेपोर्टों के बाद उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं।
36 वर्षीय राजीव प्रताप 18 सितंबर से लापता थे और 28 सितंबर को उनका शव जोशीयरा झील से मिला था। इससे पूर्व घटना के दिन वह जो कार ड्राइव कर रहे थे, दूसरे दिन यानि 19 सितंबर को भगीरथी नदी से मिली थी।
कई पत्रकार संगठनों ने उनकी मृत्यु की गहन जांच करने और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की है।